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Exclusive – ख़ुफ़िया एजेंसियों कि चूक का नतीजा है सुकमा हमला

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सुकमा हमले में 25 जवानों कि मौत के मामले में अब एक नया खुलासा सामने आया है. सूत्र बताते हैं कि पिछले कई दिनों से नक्सली गांव के आस पास रेकी कर रहे थे लेकिन इससे जुडी कोई भी इनपुट ख़ुफ़िया एजेंसियों के हाँथ नहीं लगी. इतना ही नहीं हमले वाली जगह से महज़ दो किलोमीटर दूर नक्सलियों ने इस हमले से जुडी रणनीति बनाने के लिए इकठ्ठा भी हुए थे मगर खुफिया तंत्र पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ.

सूत्रों की मानें तो ये हमला अचानक नहीं बल्कि प्लान तरीके से किया गया था. हमले से पहले नक्सलियों ने न सिर्फ रेकी की थी बल्कि आस पास के इलाकों से नक्सलियों की पूरी फ़ौज को बुलाया गया था. हमला इस कदर सुनियोजित था की इसके लिए हथियारों का पूरा ज़खीरा पहले से ही इकठ्ठा करके रखा गया था. नक्सलियों के खबरी ​ एक्टिवेटेड थे जो जवानों की रूटीन जानकारी पहुंचा रहे थे. हमले से पहले नक्सलियों ने हथियार हमले वाली जगह के आस पास लाकर पहले ही इकठ्ठा किया गया था. रात में नक्सली 2 -2 की संख्या में इकठ्ठा हुए थे और उनकी पूरी मूवमेंट रात के अँधेरे में हुई.

इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं की इस हमले की पूरी साज़िश कुख्यात नक्सली हिड़मा ने रची थी.कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा ने इस हमले को अंजाम देने के लिए तीन सौ नक्सलियों को इकठ्ठा किया था फिर पीपुल्स लिबरेशन ऑफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) ने इस हमले को अंजाम तक पहुंचाया.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये की ,करीब तीन सौ की संख्या में नक्सली इकट्ठा होते रहे हथियार जमा किये जाते रहे उनकी मूवमेंट होती रही और ख़ुफ़िया एजेंसियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी. इतना ही नहीं ख़ुफ़िया एजेंसियां ये जानती थी की अगर सड़क के काम में जवानो को लगाया जाएगा तो हमला हो सकता है फिर इसे लेकर कोई एतिहात क्यों नहीं बरता गया.

छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक दर्दनाक नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 शहीद हो गए हैं. इस नक्सली हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इन जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी. लेकिन बड़ा सवाल ये कि आखिर ये किसकी चूक थी जिसकी वजह से इतना बड़े हमले को अंजाम दिया गया और देश 25 जवान काल के गाल में समां गए.

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