अब किसी भी मीटिंग में मोबाइल ले जाने की नहीं मिलेगी इजाज़त, खबर लीक होने से परेशान कांग्रेस ने लिया फैसला

क्या कांग्रेस पार्टी अपनी खबरें लीक होने से परेशान है? पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष सोनिका गांधी की बैठक से पहले पार्टी के सभी नेताओं के फोन बाहर रखवाने से तो ऐसा ही लग रहा है। हाल ही सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी।

पार्टी के शीर्ष नेता उस समय हैरान रह गए जब उनसे कांग्रेस मुख्यालय में बैठक से पहले अपने मोबाइल फोन को बाहर ही जमा कराने को कहा गया। शीर्ष नेताओं से कहा गया कि नियम सभी के लिए बराबर है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि पार्टी नेताओं से उनका फोन बाहर रखवाया गया।

मामलू हो कि कांग्रेस की कार्यसमिति की पिछली दो बैठकों की रियल टाइम खबरें लीक हो गई थीं। इसमें कार्यसमिति की अगस्त में हुई बैठक भी शामिल है जिसमें सोनिया गांधी को दुबारा कांग्रेस अध्यक्ष पद की तात्कालिक जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव के बाद भी पार्टी ने अपनी अंदर की खबरों को लीक किए जाने को लेकर मीडिया पर ठीकरा फोड़ा था।

पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह (मीडिया) बंद दरवाजों में होने वाली उनकी बैठकों की बातों को लीक ना करे। पार्टी ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि मीडिया समेत हर कोई कांग्रेस कार्यसमिति की बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बैठकों की पवित्रता का सम्मान करेगा।

मीडिया के एक वर्ग द्वारा व्यक्त किया जा रहा अनुमान अटकलबाजी, कटाक्षा, धारणाएं, गपशप आदि मात्र अफवाह है, जिन्हें फैलाना अनुचित है। इससे पहले लोकसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी।

हालांकि, बैठक में मौजूद नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकरश को एकसुर में खारिज कर दिया था। राहुल की इस पेशकश के बाद पार्टी में इस्तीफा देने और हार की जिम्मेदारी लेने की होड़ लग गई थी। हालांकि, कांग्रेस ने बयान जारी कर यह भी कहा था कि पार्टी किसी भी विशिष्ट व्यक्ति की भूमिका या आचरण को पार्टी की हार से जोड़कर नहीं देखेगी।


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