उद्धव ठाकरे की सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी

महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी होगी या नहींए भविष्य के गर्त में है। लेकिन किसानों के नाम पर राजनीती खूब की जा रही है। विपक्ष संघर्ष यात्रा के ज़रिये सरकार को घेरने में लगी है, तो सत्ता में साथ रहकर भी शिवसेना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार पर निशाना साधें का मौका नहीं छोड़ती है।

अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का एक बयान आया है जो सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकती है।नासिक में उद्धव ठाकरे ने दो टूक कह दिया है की अगर सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं करती तो वो मध्यवर्ती चुनाव के लिए तैयार हो जाए। शिवसेना किसी भी सूरत में किसानों के साथ खड़ी है। सरकार क़र्ज़ माफ़ी पर जल्द फैसला ले नहीं तो शिवसेना सरकार से समर्थन वापस भी ले सकती है।

उद्धव ठाकरे ने नासिक में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने ने कहा की, शिवसेना को लेकर बार बार ये भ्रम पैदा करने की कोशिश होती है की वो सरकार में रहकर वो सरकार का विरोध क्यों करती है। ऐसा इस लिए क्यूंकि शिवसेना सिर्फ वादे और जुमले वाली पार्टी नहीं है। पार्टी ने ये तय किया था की किसानों की क़र्ज़ माफ़ी कराएगी तो कराकर ही रहेगी। शिवसेना को सरकार या कुर्सी का मोह नहीं है उसका सरोकार किसानों से और आम लोगों से है।

पार्टी चाहे कोई भी हो किसानों की समस्याओं को लेकर सबको साथ आना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया की कुछ बाहरी लोग महाराष्ट्र के दो टुकड़े करने पर तुले हैं। महाराष्ट्र के किसानों में फूट ड़ालने की साजिश रची जा रही है। लेकिन उनकी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। उन्होने कहा की कर्ममाफी स्थायी इलाज नहीं लेकिन लेकिन कर्ज माफ होना चाहिए, इसे किसान नए सिरे अपना काम शुरु कर सकेगा।