विपक्ष ने पुछा क्या यही है बीजेपी का चाल चरित्र और चेहरा

जब एनसीपी छोड़कर विजय कुमार गावित बीजेपी में शामिल हुए तो तो पूरी पार्टी उनके आओ भगत में ऐसी जुटी थी मानो उनके हाँथ कोई कोहिनूर हीरा लग गया हो. लेकिन आज आप बीजेपी के किसी मंत्री या नेता का नाम ले लीजिए तो वो यहाँ वहां बगले झाँकने लगते हैं . उनकी इस स्तिथि की वजह है पूर्व मंत्री और विधायक विजय गावित जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. अब तो खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी ये समझ नहीं आ रहा है की आखिर विपक्ष को जवाब दें तो दें क्या ?

दरअसल महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक डॉ. विजय कुमार गावित पर भ्रष्टाचार का आरोप था. जिसके बाद जांच के लिए रिटायर्ड जज की निगरानी में टीम बनी थी. जस्टिस MG गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनी जांच समिति ने BJP विधायक विजय कुमार गावित को आदिवासी कल्याण विभाग के भ्रष्टाचार में दोषी पाया है. जांच में सामने आया ही की जब गावित आदिवासी कल्याण विभाग के अधीन बोर्ड के पदसिद्ध प्रमुख थे तो उन्होंने बिना टेंडरिंग के करोड़ों रुपये के काम आवंटित किये थे. हालांकि विजय कुमार गावित पर ये आरोप तब लगे थे जब वो एनसीपी कोटे से मंत्री थे. लेकिन बाद में वो एनसीपी छोड़कर अपनी बेटी के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनकी बेटी हि‍ना गावित नंदुरबार लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी की सांसद हैं.

महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री को लेकर सवाल इस लिए भी खड़े हो रहे हैं क्यूंकि ये जांच रिपोर्ट जनवरी 2017 में महाराष्ट्र सरकार को सौंपी गई थी लेकिन कार्येवहि के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं हुआ.अब विपक्ष सरकार को घेरते हुए ये सवाल कर रही है की आखिर सरकार इस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं करती. विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने सरकार को घेरते हुए ये पुछा था की कहीं सरकार और भाजपाइयों के भ्रष्टाचार को लेकर उसका मापदंड दोहरा तो नहीं?