महाराष्ट्र में क्या कमज़ोर पड़ रही है BJP सरकार ! जारी है सहयोगी पार्टियों के बागी तेवर

क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार में अपनी सहयोगी पार्टियों को संभाल पाने में असफल साबित हो रहे हैं। ये सवाल इसलिए भी क्यूंकि रह रह कर उनकी ही सहयोगी पार्टियां लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रही है। शिवसेना तो आक्रामक रही ही है अब सबसे भरोसेमंद कहे जाने वाले राजा शेट्टी की शेतकरी संघटना ने भी सरकार के खिलाफ बिगुल फुक दिया है।

स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने बागी तेवर अपनाते हुए अपने ही सरकार के खिलाफ ‘आत्मक्लेश’ यात्रा का एलान किया है। सांसद और पार्टी प्रमुख राजू शेट्टी किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य के लिए ‘आत्मक्लेश’ यात्रा के ज़रिये पुणे से मुंबई तक पैदल मार्च करेंगे।

राजू शेट्टी ने इसकी शुरुआत पुणे में महात्मा ज्योतिबा फुले की वंदना के साथ किया। पुणे से मुंबई तक की 180 किलोमीटर लंबी यात्रा में राजू शेट्टी के इलावा कई इलाके के किसान भी शामिल होने वाले हैं।

राजू शेट्टी  के मुताबिक़, ये सरकार अपने किये वादों से मुकर गयी है। केंद्र सरकार ने किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाने का वायदा किया था। सरकार ने तीन साल पुरे भी कर लिए लेकिन किसाओं को किया वादा याद नहीं रहा। शेट्टी का कहना है कि, किसानों के साथ हुए इस धोके के लिए वो भी ज़िम्मेदार हैं क्यूंकि वो इस सरकार में साथ थे। इसलिए उनका हक़ दिलाने के लिए वो यात्रा पर निकले हैं। उनकी मांग है की,यूपी की तर्ज पर महाराष्ट्र के किसानों का कर्ज भी माफ किया जाए। और सरकार को इसके लिए ज़्यादा सोंचने की ज़रुरत नहीं होनी चाहिए।

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इस यात्रा के साथ साथ सांसद राजू शेट्टी की मंशा पर अब उनके ही पार्टी के कई लोग सवाल भी खड़े कर रहे हैं। अगर इस सरकार पर उन्हें भरोसा नहीं था तो अब तक सत्ता में भागीदारी क्यों हैं। इतना ही नहीं इस यात्रा से कई बड़े नेताओं ने अपना हाँथ खींच लिया है । स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के बड़े नेता सदाभाऊ खोत यात्रा में शरीक नहीं हो रहे हैं। सदाभाऊ राज्य की फडणवीस सरकार में कृषि मंत्री भी हैं। ऐसी खबरें भी आ रही है सदाभाऊ खोट जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।


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