मुश्किल में पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता छगन भुजबल के बाद अब महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार भी मुश्किलों में पड़ते दिखाई दे रहे है। सिंचाई घोटाले मामले में जल्द ही प्रवर्तन निदेशलय पूछताछ कर सकती है। प्रवर्तन निदेशलय ने मामले से जुड़े तमाम कागज़ात खंगालने शुरू कर दिए हैं। साथ महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो से भी सिंचाई घोटाले से जुडी तमाम फाइलें मंगवाई है। हालांकि अजित पवार से एंटी करप्शन ब्यूरो पहले ही पूछताछ कर चुकी है। अजित पवार पर आरोप है कि उन्होंने सिंचाई के बड़े और छोटे सभी प्रोजे्क्ट्स को और उनके बढ़ते बजट को तुरंत मंजूरी दी थी। जिसकी वजह से वो जांच के दायरे में आये थे। अजित पवार जब जलसिंचाई मंत्री थे, तब उन्होंने नियमों का उल्लघंन कर नौ महीनों में 20 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी।

गौरतलब है कि पूर्व सरकार के दौरान महाराष्ट्र में अब तक का सबसे बड़ा सिंचाई घोटाला सामने आया था। अब तक 72 हजार करोड़ का सिंचाई घोटाला मामले में कई सरकारी अधिकारियों को एसीबी ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो ने एनसीपी नेता अजित पवार और सुनील तटकरे की से भी पूछताछ की गई थी।


Close Bitnami banner
Bitnami