किसान कर्ज माफ़ी : राज्य सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम

महाराष्ट्र में किसान आंदोलन गुज़रते दिन के साथ उग्र और हिंसक होता जा रहा है। आंदोलनकारी किसानों ने आज शाजापुर में जमकर उपद्रव किया।  प्रदर्शन कर रहे किसान इतने हिंसक हो गए थे की उन्होंने पुलिस पर जमकर पथराव किया। और कई गाड़ियों को आग लगा दी, इतना ही नहीं आंदोलन का कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी नहीं बक्शा उनके कैमरे तक तोड़ दिए गए। उग्र किसानों ने नेशनल हाईवे क्रमांक तीन को घंटो जाम कर दिया।  उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े। कई घंटों के मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका।

दूसरी तरफ आंदोलनकारियों ने फडणवीस सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। साफ़ कह दिया है कि सरकार उनके साथ चर्चा करे और हल निकाले
वर्ना इसके आगे जो कुछ भी होगा तो खुद सरकार ज़िम्मेदार होगी। अगर मुख्यमंत्री ने उनकी बात नहीं सुनी तो 13 जून से पूरे नहारष्ट्र में रेल रोको आंदोलन होगा।

नासिक में किसान आंदोलन के लिए नए सिरे से बनायीं गयी सुकाणू समिति ने आज बैठक बुलाई थी। ताकि किसान आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जा सके। इस बैठक में स्वाभिमान शेतकरी संघटन के नेता और सांसद राजू शेट्टी , शेतकरी कामगार पक्ष नेता जयंत पाटिल , विधायक बच्चू कडु के अलावा किसान नेता रघुनाथ दादा पाटिल अन्य किसान नेता बैठक में शामिल हुए थे।

वहीँ पुणे के पास बारामती में एक और किसान ने कर्ज के बोझ के नीचे दबकर ख़ुदकुशी कर ली। बारामती के भोंडवेवाड़ी में 48 वर्षीय किसान हनुमंत पांडुरंग शिंदे ने अपने ही खेत मे जहर पीकर अपना जीवन खत्म कर दिया। पिछले 1 महीने में 3 किसानों ने बारामती तहसील में आत्महत्या की है। मृतक किसान के पीछे उसके बूढ़े मा बाप,बीवी,3 बेटियां और एक बेटा है। किसान की माँ कई दिनों से बीमार थी, पिछले दिनों इस किसान के 2 बैलों की मौत हो गयी थी जिस से यह किसान काफी दुःख में था। इस किसान पर सोसाइटी और बचत गुट का कुल मिलाकर 79 हज़ार रुपये का कर्ज था।


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