निर्दलीय उम्मीदवार का चुनाव में जीरो वोट का दावा झूठा

निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत सिरसाट ने ये दावा करके चौंका दिया था की, बंक चुनाव में बड़ी गड़बड़ी हुई है. उनके परिवार ने उनके इलावा किसी को वोट नहीं दिया फिर भी उन्हें शुन्य वोट कैसे आये. श्रीकांत सिरसाट के इस सवाल के बाद तो एक वक़्त ये लगने लगा था की सही में EVM मशीनों में कोई गड़बड़ी तो नहीं है. लेकिन अब पूरी जांच के बाद चुनाव आयोग का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत सिरसाट दावा गलत है.उन्हें चुनाव में कुल 44 वोट मिले हैं.

मुंबई में हाल में हुए BMC चुनाव में श्रीकांत सिरसाट ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार बीएमसी वार्ड क्रमांक 164 से चुनाव लड़ा था मगर मतगणना के बाद निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत सिरसाट ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उन्हें एक भी वोट नहीं मिला. जिसके बाद EVM मशीनों विरोध में बहस और तेज़ हो गयी थी. श्रीकांत सिरसाट के इस बयान को चुनाव में ईवीएम का विरोध करने वाले नेताओं ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया.

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अब इस पूरे विवाद के बाद पहली बार महाराष्ट्र चुनाव आयोग सामने आया है. महाराष्ट्र चुनाव आयोग के जनसंपर्क अधिकारी जगदीश मोरे के मुताबिक़, सिरसाट का दावा गलत है. सिरसाट का नाम अलग अलग दो बूथों में हैं और एक में उन्हें 11 वोट मिले तो दूसरे में 2 वोट मिले हैं. फिर भी अगर वो ऐसा बोल रहे हैं तो गलत बोल रहे हैं, एक में उनका अपना वोट होना स्वाभाविक है. महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने ये भी साफ किया कि श्रीकांत सिरसाट ने जो शिकायत की थी उसमें भी उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी की बात लिखी थी ना कि एक भी वोट नहीं मिलने की.

ऐसे में अब सवाल ये की क्या जान बूझकर सिरसाट ने जीरो वोट की बात सुनाई जबकि उनको ये मालूम था की उन्हें कुल कितने वोट मिले हैं. जब यही सवाल श्रीकांत सिरसाट से पूसा आया तो वो पहले मीडिया से बचते रहे जब सामने आये तो कहा कि मतगणना के तुरंत बाद हमारे लोगों ने बताया कि सभी बूथ में जीरो वोट मिल रहे हैं, यहां तक कि मेरे बूथ में भी एक भी वोट नहीं मिला. यही वजह थी कि, मैंने तब वो बयान जारी किया था. लेकिन अब सच सब के सामने है.


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