महाराष्ट्र सरकार की गुहार, कर्मचारी दान करे अपनी सैलरी

महाराष्ट्र सरकार ने कुछ दिन पहले किसानो के कर्जमाफ़ी एलान किया था। उसके बावजूद किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला अब तक जारी है।  सरकार ने एलान तो कर दिया है। लेकिन इसके साथ कर्ज माफ़ी के बाद राज्य सरकार के ऊपर कई हज़ार करोड़ रूपए का भार भी बढ़ा है। अब इन सब को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकारी कर्मचारियों को एक दिन की अपनी सैलरी को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का आदेश दिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने आज नोटिफिकेशन जारी कर कर्मचारियों से अपील कि है की सभी कर्मचारी जुलाई महीने के एक दिन का सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने के लिए अपील कि है। सरकार कर्मचारियों से यह कहकर राहत कोष में पैसा जमा करवा रही है कि इन पैसों से खुदखुशी करने वाले किसान के परिवार को आर्थिक मदद दी जायेगी। इन पैसों से उनके बच्चों के पढाई का खर्च देखा जाएगा।

नोटिफिकेशन के जरिये सरकार ने अपने आईएस , आईपीएस अधिकारी और वन अधिकारीयों अर्द्ध सरकारी निकायों और निगम के कर्मचारियों से अपनी जुलाई महीने एक दिन कि सैलरी को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने कि अपील कि है।

इसके अलावा एक अधिकारी ने आज बताया कि सरकार ने मुख्यमंत्री, उनकी कैबिनेट के सहयोगियों, राज्यमंत्री, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों से भी कहा गया है कि अगर वे चाहें तो वे भी योगदान कर सकते हैं। ”

अब सवाल ये की क्या सरकार?  अब किसानों की कर्जमाफी सरकारी कर्मचारियों के जमा किये हुए पैसों से करेगी। अच्छा होता जब मुख्यमंत्री अपने नेताओं , मंत्रियों और विधायकों के खर्च में कटौती करते तो मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक पैसा जमा हो जाता। शायद मुख्यमंत्री इससे अनजान है की उनके नेता, मंत्री , विधायक साल भर में हवाई खर्च में कई करोड़ रूपए उड़ा देते है, सरकारी पैसों से विदेशों में जाकर मौज मस्ती करते है।


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