नारायण राणे का शिवसेना पर बड़ा हमला, बोले सत्ता की भूखी है शिवसेना

कांग्रेस नेता नारायण राणे ने शिवसेना पर बड़ा हमला बोला है। इस दौरान राणे और शिवसेना के बीच तीखी बहस और नोक झोंक भी हुई। सदन में जीएसटी पर चल रही चर्चा के दौरान राणे बोले कि शिवसेना में सत्ता छोड़ने की हिम्मत नहीं है। चाहे जितना भी लात मारा जाए शिवसेना सत्ता नहीं छोड़ सकती।

बात इतनी बढ़ गयी कि कांग्रेस सदस्य नारायण राणे और शिवसेना सदस्य अनिल परब आमने-सामने आ गए। कभी राणे के बेहद करीबी रहे अनिल परब ​ ने भी  उनपर जमकर हमला बोला।

बहस के दौरान नारायण राणे ने कहा कि जीएसटी कानून के जरिए मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश की गई। लेकिन शिवसेना हर बार मुंबई और मुंबईकरों कि बात कर अपनी राजनीति करने वाली पार्टी ने सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं की। शिवसेना ने अपना एक अलग अजेंडा शुरू किया सिर्फ किसान किसान करो और राजनीती करो। ये सब महज़ एक दिखावा है।

शिवसेना कि तरफ से भी इसके जवाब में खूब पलटवार हुआ है। शिवसेना नेता ने इस दौरान राणे कि दुखती नब्ज़ भी दबा दी, परब ने कहा कि आज जो शिवसेना पर सवाल खड़े कर रहे हैं वो इसी पार्टी के बल बुते पर मुख्यमंत्री बने। आज देखिये शिवसेना छोड़ने के बाद वो विधानसभा चुनाव तक नहीं जीत पाएशिवसेना आज नौबत विधान परिषद में बैठने की आ गई। कांग्रेस उन्हें विधान परिषद में विधायक दल नेता भी नहीं बना रही है।

अनिल परब ​यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि राणे राज्य के जीएसटी विधेयक पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ दिन पहले तक भाजपा में जाने कि जुगत लगा रहे थे, अगर चले गए होते तो विधेयक में कोई खामी नहीं होती।

विधान परिषद में कांग्रेस नेता नारायण राणे का दावा है कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य सरकार को भारी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ेगा। जीएसटी से मौजूदा समय में विभिन्न कर से मिलने वाले राजस्व में लगभग 35 प्रतिशत तक की कमी आएगी।


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