फेल हो गई भाजपा की रणनीति, एक एक कर हार गए सारे उम्मीदवार

महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी ने अब तक का सबसे बड़ा दाव खेलते हुए पहली बार 27 मुसलामानों को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन उनकी रणनीति पार्टी के काम नहीं आई। मुस्लिम बहुल क्षेत्र मालेगांव में पार्टी ने निगम को सिर्फ सात वार्डों में जीत हासिल हुई है। हालांकि पार्टी के लिए आंकड़ा बुरा नहीं है, पिछले चुनाव में बीजेपी का यहाँ खाता भी नहीं खुल पाया था। वहीं, कांग्रेस के लिए अच्छी खबर रही भिवंडी के साथ साथ मालेगांव में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस ने मालेगाव महानगरपालिका चुनाव में 28 सीटों पर कब्ज़ा जमाया है।

मालेगांव में पहली बार भाजपा ने 27 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए थे, मगर सभी उम्मीदवारों को जनता ने सिरे से नकार दिया। बीजेपी उम्मीदवार कई सेटों पर गिनती से भी बहार हो गए। कांग्रेस और एनसीपी  का प्रदर्शन अच्छा रहा है। दोनों पार्टियों ने क्रमशा 84 में 28 तो शरद पॉवर की पार्टी ने 20 सीटें जीत सकी।

दसूरी तरफ, भिवंडी में भी पार्टी तीसरे नंबर पर रही है, भिवंडी भी मालेगांव की तरह ही मुस्लिम बहुल इलाका है। बीजेपी भिवंडी में 11 सीटों के साथ तीसरे पायदान पर रही। रायगढ़ जिले के पनवेल में भाजपा को अब तक की सबसे बड़ी जीत मिली है। यहाँ पार्टी ने 51 सीटों पर जीत हासिल की है।


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