पहले महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और अब मांग रहे है माफ़ी

भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में जल सम्पदा मंत्री गिरीश महाजन ने अपने विवादित बयान को लेकर महिलाओं से माफ़ी मांगी है।अपने बयानों पर सफाई देते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि उनका बयान सिर्फ और सिर्फ पॉलिटिकल हूयमर था। मैंने मजाक मजाक में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है। मै ना शराब पिता हु और ना ही इसे प्रमोट करता हु। मुझे एहसास हुआ कि मैंने गलत बोल दिया है। मेरे मुँह से जो भी शब्द निकले है उसके लिए मै महिलाओं से माफ़ी मांगता। मेरे मन में महिलाओं के लिए काफी सम्मान है।

महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में एक चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू होने पर आयोजित समारोह के दौरान मंत्री महाजन ने विवादित बयान दिया था। अपने भाषण के दौरान गिरीश महाजन ने कहा था कि अगर शराब का नाम महिलाओं के नाम से रखा जायेगा तो उसकी बिक्री बढ़ जाएगी। अपने भाषण मंत्री ने कहा कि एक शराब का नाम ‘ भिंग्री’ है , तो एक का नाम ‘ बॉबी और जुली ‘ है। मैंने आपसे पूछा कि आपने अपने शराब का नाम क्या रखा है तो आपने कहा कि ‘ महाराजा ‘ तो आपकी शराब कैसे बिकेगी।

इतना ही नहीं मंत्री महोदय ने अपने भाषण में बाकायदा शराब का नाम किस महिला के नाम पर रखा जाना चाहिए उसका नाम सुझाते हुए कहा कि “आप शराब का नाम महारानी रखो और फिर देखो कैसे तेजी आती है आपके द्वारा बनाई गई शराब की बिक्री । आज के जमाने में ऐसा ही चल रहा है। शराब ब्रांडों के नाम औरतों के नाम पर दिए जा रहे हैं। तम्बाकू का भी ऐसा ही हो गया है। कमल, विमल, सुमन देखो सभी जर्दा के नाम देखो आप। इसलिए मैं कहता हूं, अगर आपने भी ऐसा किया और महिलाओं के नाम शराब को दिया तो निश्चित तौर पर आपके शराब की बिक्री में फर्क पड़ेगा।”

गिरीश महाजन के इस बयान के बाद चारो तरफ उनकी आलोचना हो रही । कांग्रेस,एनसीपी के नेताओं ने महाजन के बयान को महिलाओं अपमान बताते हुए उनके बयानों कि तीखी आलोचना की थी। वही चंद्रपुर जिले में शराब बंदी को लेकर लड़ाई लड़ने वाली डॉ. पारोमिता गोस्वामी ने गिरीश महाजन के बयान को महिलाओं का अपमान बताते हुए कहा उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया था।

अपने बयान से खुद को विवादों में घिरते देख गिरीश महाजन ने मीडिया के सामने सफाई देते हुए महिलाओं से माफ़ी मांग ली है।

 


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