क्या अब पंकजा मुंडे को बीजेपी में साइड लाइन करने की है तैयारी

हाल के दिनों में जिस तरह से पंकजा मुंडे पर एक के बाद एक कई आरोप लगे हैं। उसके बाद से ही वो पार्टी में अलग थलग दिखाई दे रही हैं। बीड में बड़ी जीत न हासिल करने के बाद से ही ये कायस लगाया जा रहा था कि पार्टी में उनका कद छोटा पड़ने लगा है। लेकिन अब ये दिखाई भी देने लगा है। पिता गोपीनाथ मुंडे के देहांत के बाद पार्टी में पंकजा मुंडे बड़ा ओबीसी चेहरा थी। हाल में देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा ओबीसी समाज के लिए लाये गए नयी योजनाओं की जिम्मेदारी पंकजा को सौपने के बजाय मुख्यमंत्री ने इसकी जिम्मेदारी जलसंसाधन मंत्री राम शिंदे को दी है।

बताया जा रहा है की मुख्यमंत्री ने एक तीर से कई निशाने लगाए है। उनके इस निर्णय से पंकजा मुंडे का पार्टी में कद छोटा तो होगा ही इस के साथ साथ पंकजा के कट्टर समर्थक के तौर जाने जाने वाले महादेव जानकार और उनकी पार्टी राष्ट्रीय समाज पक्ष का धनगर समाज में महत्व कम होगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से कम से कम इतना तो कहा जा सकता है की फडणवीस ने अपने सरकार में नए चेरे की तलाश शुरू कर दी है। जो सीधे धनगर समाज और मुंडे के सामने खड़े हो सकें।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने पंकजा मुंडे से जल संशाधन मंत्रालय छीनकर राम शिंदे को सौंपा दिया था और अब ओबीसी समाज  की कई योजनाओं की जवाबदारी राम शिंदे को देकर मुंडे को इशारों इशारों में बता दिया है की पार्टी बड़ी होती है चेहरा नहीं या ये कह सकते हैं की इस चाल से सीधे फडणवीस ने एक बार में ही पंकजा के कई पंख क़तर दिए है।


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