सर कटा लेंगे लेकिन वन्देमातरम नहीं कहेंगे- अबू आज़मी

समजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि, वो सर कटाने के लिए तैयार हैं लेकिन वन्देमातरम नहीं गाएँगे। आज़मी के मुताबिक “कोई सच्चा मुस्लमान राष्ट्रीय गीत नहीं गा सकता, भले ही गर्दन क्यों ना कटवानी पड़े”। अब उनके इस बयान के बाद हंगामा खड़ा हो गया है।
मद्रास हाई कोर्ट के वंदे मातरम् के फैसले पर महाराष्ट्र में राजनीती शुरू हो गई है। बीजेपी विधायक राज पुरोहित ने कहा महाराष्ट्र में भी इसे सभी स्कूलों , कॉलेजो, सरकारी दफ्तरों में लागू करने की मांग मुख्यमंत्री से करूँगा और जरुरत पड़ने पर सदन में भी मांग उठाऊंगा। अबू आज़मी का बयान उसकी के जवाब में आया है।
अबू आजमी का कहना है की “एक सच्चा मुसलमान वन्देमातरम नहीं गायेगा हालांकि “मैं वन्देमातरम का सम्मान करता हूं,लेकिन मेरा धर्म ये गवाही नहीं देता की मैं वन्देमातरम गाऊँ, इसके लिए भले ही सरकार मुझे जेल में क्यों न डाल दे या देश से बाहर निकल दे। लेकिन मेरा धर्म जिन बातों की इज़ाजत नहीं देता मैं वो नहीं करूंगा।
वहीँ  एमआयएम के एमएलए वारिस पठान ने भी अबू आज़मी का साथ देते हुए कहा है की “अगर मेरे गर्दन पर ये चाकू भी रखे तो मैं वन्देमातरम नहीं बोलूंगा”। किसी पर भी आइडियोलॉजी नहीं थोप सकते । मैं वंदे मातरम् नहीं बोलूंगा , मेरा धर्म ,कानून और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता। मेरे गले में छुरी रखेंगे तो भी मैं नहीं बोलूंगा। कोई विधानसभा में ये मामला उठाएगा तो भी मैं उसका विरोध करूँगा। ये मामल इतना बढ़ गया है कि इसमें शिवसेना भी कूद पड़ी है।
शिवसेना के नेता दिवाकर रावते ने कहा है, छुरी रखने का सवाल नहीं है अगर उनको वन्देमातरम गाने में इतनी शर्म आती है तो वो खुद चले जाएं। देश से निकल जाएँ। यह हमारी मातृ भूमि है और अगर इस भूमि को स्वतंत्र करनेवाला गीत को लेकर उन्हें कोई आपत्ति है तो उन्हें फिर देश छोड़ देना चाहिए।

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