अब शिवसेना का सूखा प्रभावित इलाके में डुप्लिकेटों का सहारा, पकड़ी गयी ठगी

किसानों कि बात करने वाली शिवसेना क्या महज़ दिखावा कर रही है। ये सवाल इस लिए उठाई जा रही है क्यूंकि कल शिवसेना के नेता ने जो किया वो बेहद शर्मनाक है। लगता है पार्टी ने अब सिर्फ डुप्लीकेट डुप्लीकेट का खेल खेल रही है। शिवसेना महाराष्ट्र के किसानों के जज़्बात से खिलवाड़ कर रही है। तभी तो सूखाग्रस्त किसानों का हाल जानने के लिए इलाके के विधायक कि बजाय उनके डुप्लीकेट को भेजा गया। जब ये पोल खुला तो गरीब किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि ऐसे जनप्रतिनिधि को चुनकर उन्होंने ने सबसे बड़ी गलती कि है,जो खुद तो नहीं आता बदले में अपने  हमशक्ल को भेज देता है।

दरअसल शिवसेना ने किसानों कि कर्जमाफी के नाम पर बीजेपी पर दबाव बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार में साथ रहकर भी सेना ने ये एलान किया था की वो सरकार पर क़र्ज़ माफ़ी के लिए दबाव बनाएगी। इसके लिए पार्टी गांव गांव जाकर किसानों की समस्या सुनेगी। पार्टी ने कुछ दिनों पहले मराठवाड़ा से शिवसंपर्क अभियान की शुरुआत की थी। इसके लिए एक विधायक और एक पार्षद का चयन किया गया था। जो किसानों से मिलकर बातचीत कर उनकी समस्या जानेंगे।  लेकिन पुणे के पिंपरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गौतम चाबुकस्वार तो खुद उस्मानाबाद नहीं पहुंचे और अपनी जगह मुंबई के पूर्व पार्षद यशोधर फणसे को विधायक बताकर भेज दिया।

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यशोधर फणसे भी सभी ग्रामीणों और किसानों से खुद को विधायक गौतम चाबुकस्वार बताकर मिलते रहे। लेकिन इसी बीच एक गांव में एक शख्स ने शिवसेना नेताओं की ये ठगी पकड़ ली। जिसके बाद ये नेता तो किसी तरह वहां से निकल गए, मगर उनकी इस हरकत से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्हें लगता है की शिवसेना किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीती करना चाहती है नहीं तो वो उनके साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं करती। वहीँ अब शिवसेना के बड़े नेताओं को ये समझ नहीं आ रहा है की इसका जवाब अब वो कैसे दें