0

रविवार को रेप और ब्लैकमेल के आरोपों में गिरफ्तार किए गए टीवी एक्टर करण ओबेरॉय को अदलात ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। करण के वकीलों ने इस मामले को झूठा बताकर अदालत से राहत की गुहार लगाईं थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी एक न सुनी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। करण को अब आज की रात मुंबई के आर्थर रोड जेल में गुज़ारना होगा और कल उनके वकील ज़मानत के लिए अर्ज़ी लगाएंगे।

वहीं करण के सपोर्ट में उनके सभी दोस्त आज अदालत में पहुंचे थे। एक्ट्रेस पूजा बेदी ने ये तक भी आरोप लगाया कि करण को फंसाया जा रहा है। जिस महिला ने रेप का मामला दर्ज कराया उसके खिलाफ करण ने पहले ही मामला दर्ज कराया था। अब वो जान बूझकर करण से बदला लेने के लिए ये सब कर रही है। कुछ लोग अपने महिला होने का फायदा उठाना चाहती हैं और पैसों के लिए इस तरह से झूठे मुक़दमे दर्ज करा रहीं हैं।

ऐक्ट्रेस पूजा बेदी ने कहा, ‘हम सभी करण को जानते हैं और इस बात की जमानत दे सकते हैं कि वह बेहद शरीफ आदमी हैं। उन पर लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं। अभी तक जो सार्वजनिक तौर पर सामने आया है उसके मुताबिक, यह लड़की करण से साल 2016 के अंत में एक डेटिंग ऐप के जरिए मिली थी। यह घटना संभवतः 2017 की है और तब इसकी कोई खबर सामने नहीं आई थी। अक्टूबर 2018 में करण ने इस महिला के खिलाफ शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि 2018 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह और करण रिलेशनशिप में थे और उन्होंने करण को कई सामानों के साथ ही गिफ्ट्स भी दिए थे। साल 2019 में उन्होंने करण के खिलाफ मामला दर्ज कराया और उन्होंने कथित तौर पर जनवरी 2017 की घटी घटना की शिकायता समय भी ऐसा चुना जबकि अदालतों की छुट्टियां हो जाती हैं। 2018 में दिए गए इंटरव्यू में उनके बयान 2019 में दर्ज कराई गई उनकी एफआईआर से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते हैं।

एक्टर करण के खिलाफ एक फैशन डिजाइनर ने रेप के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने ‘स्वाभिमान’ और ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ से पॉपुलर होने वाले एक्टर करण सिंह ओबेरॉय को एक महिला से शादी का झांसा देकर रेप करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है ।

सेल्फी लेते समय इस शख्स ने प्रधानमंत्री के लिए कुछ ऐसा कहा कि भड़क गयी स्वरा भास्कर

Previous article

मुंबई में डबल डेकर बस ब्रिज से टकराई, बस छतिग्रस्त किसी को नुकसान नहीं

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.