वज़नी इंस्पेक्टर और ईमान के बाद अब तीन मासूम बच्चों का इलाज

वजनी महिला ईमान की सर्जरी करने वाले डाॅ. मुफज्जल लकड़ावाला ने अब गुजरात के ऊना के तीन बच्चों के लिए मदद का हाँथ बढ़ाया है। जल्द ही डाॅ. मुफज्जल लकड़ावाला अपनी उम्र से ज़्यादा वजन वाले गुजरात के तीन बच्चों का इलाज शुरू करने वाले हैं। डॉक्टर के मुताबिक़ ईमान की ही तरह इन तीन बच्चो का वज़न भी जेनेटिक म्यूटेशन के चलते बढ़ा है।

गुजरात के तीनों बच्चों सात साल की योगिता नंदवाना का वज़न 45 किलो है उसकी पांच साल की बहन अनिशा 68 किलो की है जबकि तीन साल के भाई हर्ष का वज़न 25 किलो है। डॉक्टर इसे मोटापा नहीं मानते उन्हें ये एक तरह की बिमारी है जिससे वे कम उम्र में ही मोटापे के शिकार हो गए हैं। यही वजह है की ये बच्चे खाना भी ज़्यादा खाते हैं। तीनो भाई बहन एक साथ में जिनता खाना एक हफ्ते में खाते है उतने खाने में चार लोगों का दो परिवार एक महीने खाएगा। परिवार की माली हालत भी अच्छी नहीं, बच्चों के माता-पिता काफी गरीब हैं। वो इनके खाने का पूरा इंतज़ाम भी नहीं कर पाते हैं किसी तरह गांव के लोगों से उन्हें मदद मिलती है जिससे इन बच्चों का पेट भरा जाता है।

Photo- Tanzeel ur Rehman

डाॅ. लकड़ावाला के मुताबिक, ऐसे लोगों के इलाज के लिए अमेरिका में एक दवा तैयार की गई है। जिसका नाम एमसीआर एगोनिस्ट है। जिसका वहां पर तीन लोगों पर परीक्षण किया गया है और परिणाम सफल रहे हैं । अगर इस दवा से इन बच्चों का इलाज किया जाए तो यह दवा इन तीनों बच्चों व ईमान पर भी कारगर साबित हो सकती है।

वहीँ ये खबर सुनकर बच्चों के माँ बाप ने ख़ुशी ज़ाहिर की है। उनकी मानें तो जिस तरह से बच्चे खाते हैं वो ये सहन नहीं कर पाते, पिता रमेश मज़दूर हैं। इतनी कमाई नहीं है की एक साथ इन तीन बच्चों की सही से परवरिश कर सकें। महीन में दोनों माँ और बाप मिलकर कुल पांच से सात हज़ार ही कमा पाते हैं। बढ़ते वज़न के चलते कई बार इन बच्चों की तबियत तक बिगड़ जाती है। इनके इलाज के लिए उन्हें गांव के लोगों से मदद मांगनी पड़ती है।

पिता रमेश कहते हैं, जो हम कमाते हैं उससे बच्चों के भरण-पोषण नहीं हो पाटा है। उन्हें बहुत बुरा लगता है जब उनके बच्चे खाने के लिए झगड़ते रहते थे। ऐसे में अगर इनका इलाज हो जाएगा तो इनकी ज़िन्दगी बदल जायेगी। बच्चों के लिए ये नई ज़िन्दगी होगी।


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