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जानिये 7000 हज़ार साल पुरानी मंदिर का रहस्य, छिपा है अरबों का खजाना

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भारत आस्थाओं और परम्पराओं का देश है। जहाँ पर लोग खुद से ज्यादा देवी और देवताओं पर भरोषा करते है। भारत में ऐसे कई देवस्थान है। जिसके अंदर कोई न कोई रहस्य छिपा हुआ है। जैसे की कोल्हापुर का महालक्ष्मी देवी मंदिर। इस मंदिर के बारे में कई ऐसे रहस्य है। जिसके बारे में अबतक कुछ पता नहीं चल सका है। कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर की मूर्ति 7000 हज़ार साल पुरानी है। और इस मंदिर के अंदर अरबों रूपए का खजाना छिपा हुआ है। दूसरी बात जो इस मंदिर के बारे में कही जाती है वो है, इस मंदिर में इतने सारे खम्बे लगे हुए है। जिसे अबतक कोई भी नहीं गीन पाया है।

कोल्हापुर में स्थित हज़ारों साल पुरानी इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में बेश कीमती खजाना छिपा है। तीन साल पहले जब इसे खोला गया तो यहां सोने, चांदी और हीरों के ऐसे आभूषण सामने आए जिसकी बाजार में कीमत अरबों रुपए में हैं। इस मंदिर में जो सोने का तहखाना मिला था उसमे से सोने की बड़ी गदा, सोने के सिक्कों का हार, सोने की जंजीर, चांदी की तलवार, महालक्ष्मी का स्वर्ण मुकुट, श्रीयंत्र, हार, सोने की चिड़िया, सोने के घुंघरू, हीरों की कई मालाएं, मुगल आदिल शाही, पेशवा काल के जेवरात मिले थे।

इस मंदिर के बारे में इतिहासकारों का मानना है कि  कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में कोंकण के राजाओं, चालुक्य राजाओं, आदिल शाह, शिवाजी और उनकी मां जीजाबाई तक ने चढ़ावा चढ़ाया है। इस मंदिर की सुरक्षा पुख्ता कर सीसीटीवी कैमरों की जद में इस खजाने की गिनती पूरे 10 दिन तक चली थी। खजाने की गिनती के बाद आभूषणों का बीमा करवाया गया था। इससे पहले मंदिर के खजाने को 1962 में खोला गया था।

कोल्हापुर महा लक्ष्मी देवी मंदिर के बाहर लगे शिलालेख से पता चलता है कि यह 1800 साल पुराना है। शालि वाहन घराने के राजा कर्णदेव ने इसका निर्माण करवाया था, जिसके बाद धीरे-धीरे मंदिर के अहाते में 30-35 मंदिर और निर्मित किए गए। 27 हजार वर्गफुट में फैला यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में शुमार है। आदि शंकराचार्य ने महालक्ष्मी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की थी।

इस मंदिर में सबसे बड़ा रहस्य है इस मंदिर का खंबा। मंदिर का खम्बा इस मंदिर का ऐसा रहस्य है कि जिसकी  सच्चाई वैज्ञानिकों ने भी अभी तक नहीं खोज पाया है। इस मंदिर के हर कोने में दरवाजा लगा हुआ है। जिसमे लगे खंबो के बारे में मंदिर प्रशासन का दावा है कि इन खंबो कि गिनती अभीतक कोई भी नहीं कर पाया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस मंदिर में लगे खंबो को कितने लोगों ने गिनने कि कोशिश भी की है. मगर जब जब लोग इसे गिनने की कोशिश करते है तब तब उनके साथ कोई न कोई अनहोनी होई जाती है। विज्ञान भी इस रहस्य से पर्दा उठाने में नाकाम साबित हुआ है। कैमरे की सहायता से इन्हें काउंट करने का प्रयास हुआ लेकिन वह भी नाकाम साबित हुआ।

Rahul Pandey

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