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अंजुम फकीह आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। टीवी इंडस्ट्री में वो एक स्थापित नाम बन चुकी हैं। तेरे शहर में, देवांशी और एक था राजा एक थी रानी जैसे सीरीयल्स में काम करने के बाद वह अभी कुंडली भाग्य में नजर आ रही हैं। अंजुम के पास आज दौलत और शोहरत दोनों है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा था। कभी सेल्स गर्ल का काम करना पड़ा तो कई बार खाना खाने के लिए जैब में पैसे भी नहीं हुआ करते थे। रुढ़ीवादी मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वालीं अंजुम कई बार परिवार की बेरुखी का भी शिकार हो चुका हैं।

अंजुम फकीह महाराष्ट्र के ही रत्नागिरी की रहनेवाली हैं। परिवार टीवी के खिलाफ था जिसके कारण 14-15 साल की होने तक अंजुम ने कभी टीवी नहीं देखा था। काफी जिद करने पर उनके अब्बू टीवी तो लाए लेकिन इस बात से खफा होकर अंजुम के दादा ने घर से दूरी बना ली।

मुंबई टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अंजुम ने बताया कि उनका परिवार काफी रुढ़ीवादी सोच का था। उनके अब्बा ग्लैमर वर्ल्ड के सख्त खिलाफ थे इसीलिए जब उन्होंने मॉडलिंग और एक्टिंग में करियर बनाने की बात कही तो घर में भूचाल आ गाया।

मुंबई जाकर ग्लैमर इंडस्ट्री में करियर बनाने को लेकर घरवालों ने शर्त रख दी कि अगर तुम्हें वही सब करना है तो घर छोड़ना पड़ेगा। अंजुम ने भी अपना बुर्का किनारे रखा, सूटकेस में कुछ कपड़े रखे और निकल पड़ी अपने सपनों को उड़ान देने।

मुंबई में स्ट्रगल के दिनों में वह एक पर्फ्यूम की शॉप पर सेल्स गर्ल का काम करने लगीं। अंजुम ने बताया कि कई बार उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे

उनको जब पहला मॉडलिंग असाइनमेंट मिला तो उन्होंने घरवालों से साझा किया। लेकिन घरवालों को जैसे ही पता चला कि इस मॉडलिंग प्रोजेक्ट में उन्हें बिकिनी पहननी पड़ेगी तो उन लोगों ने अंजुम से बात करना बंद कर दिया।

टीवी की दुनिया में जैसे-जैसे अंजुम का नाम होते गया वैसे ही परिवार की नाराजगी भी कम होती गई। अंजुम कहती हैं कि टीवी पर उन्हें सलवार सूट में देख घरवालों को सुकून मिलता है।

परिवार के मोर्चे पर इतना संघर्ष झेल चुकीं अंजुम फकीह अपनी एक्टिंग से अपने चाहने वालों की संख्या बढ़ा रही हैं।

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