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तमिलनाडु में एक दलाल के जरिए 1.5 लाख रुपये में नवजात शिशु खरीदने के आरोप में एक दंपति समेत तीन लोगों के खिलाफ गुरुवार (7 नवंबर) को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि लगभग 50 वर्ष की आयु के दंपति ने मन्नापराई में एक सरकारी अस्पताल से लड़के को खरीदा था। बच्चे के असली माता-पिता ने कहा था कि वे बहुत गरीब हैं इसलिए उसकी परवरिश नहीं कर सकेंगे।

इलाके के पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘बॉन्ड पेपर’ पर बच्चे के माता-पिता के हस्ताक्षर के बाद दंपति बच्चे के इलाज के लिए यहां सरकारी अस्पताल आया था। चिकित्सकों ने पाया कि दंपति बच्चे के जैविक माता-पिता नहीं हैं क्योंकि महिला ने कहा कि वह बच्चे को स्तनपान नहीं करा सकती।

पूछताछ करने पर चिकित्सकों को मालूम चला कि दंपति ने बच्चे को खरीदा था क्योंकि बच्चे को गोद लेने की उनकी कोशिशें नाकाम हो गयी थी और फिर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

उन्होंने कहा कि वे कुछ साल पहले एक दुर्घटना में अपने 30 साल के बेटे को गंवाने के बाद एक नयी जिंदगी शुरू करने के लिए बच्चा चाहते थे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने एक दलाल के जरिए एक दंपति से बच्चे को खरीदा था जो उनका तीसरा बच्चा था।पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में पता चला कि एंथनी अम्मल नाम के दलाल को इस काम के लिए 20 हजार रुपये मिले थे। फ़िलहाल वह भी पुलिस की गिरफ्त में है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

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