तो क्या खामोश कर दिया गया भीमा कोरेगांव हिंसा के गवाह को ?

पुणे के भीमा कोरेगांव दंगे मामले में एक नया मोड़ आ गया है. इस दलित जातीय संघर्ष की मुख्या गवाह की लाश मिलने से सनसनी फैल गयी है. ये लाश दंगा पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत कैंप के पास कुएं से मिली है. कहा जा रहा है लाश 19 साल की लड़की पूजा की है उस कांड की चश्मदीद गवाह थी. पूजा ने ही दंगाइयों को अपना घर और दुकान जलाते हुए देखा था. कक्षा 11 की छात्रा पूजा अचानक लापता हो गयी थी. उसे काफी ढूंढा गया लेकिन उसका कोई अता पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन रविवार सुबह 11 बजे के करीब उसकी लाश मिली.पूजा के परिवार ने साज़िश की आशंका जताई है.

परिवार के मुताबिक दंगे के बाद उससे कई बार पूछताछ हो चुकी है. इतना ही नहीं उसे अपना बयान बदलने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था. वो पढ़ी लिखी थी इस लिए वो किसी से नहीं डरी और अपने बयान पर क़ायम रही. हिंसा के बाद से ही पूजा अपने परिवार के लिए नया घर आवंटित करवाने के लिए कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही थी.

परिवार ने ये भी जानकारी दी है की जान बूझकर कुछ लोग उसे उकसाने की कोशिश कर रहे थे.फरवरी में कुछ गांव वालों के खिलाफ धमकाने और छेड़खानी के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी.

पूजा के भाई जयदीप ने बताया कि, हमने शनिवार दोपहर को पूजा की गुमशुदगी की रिपोर्ट शिकरापुर पुलिस को दे दी थी. जिस कुएं में पूजा की लाश मिली है, वह भीमा कोरेगांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है. हमें शक है कि साज़िश के तहत पूजा की हत्या की गयी और उसकी लाश को कुएं में फ़ेंक दिया गया है. इसके पीछे भी वही लोग है जो हिंसा में शामिल थे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिंक डिपार्टमेंट ने रविवार देर रात शव का पोस्टमॉर्टम किया है.


Close Bitnami banner
Bitnami