Covid-19 के डेल्टा वैरिएंट पर 70 प्रतिशत प्रभावी है एक खुराक वाला स्पूतनिक लाइट टीका: RDIF

Photo Credit : Reuters

रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) और गैमेलिया सेंटर ने बुधवार को कहा कि स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light) की एक खुराक वाला टीका पहले तीन महीने में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप (Delta Covid Variant) से संक्रमण के खिलाफ 70 प्रतिशत प्रभाव दिखाता है. आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि गैमेलिया सेंटर ने डेल्टा स्वरूप के खिलाफ स्पूतनिक लाइट टीके के प्रभाव का विश्लेषण करते हुए एक लेख मेडआरएक्सआईवी प्रीप्रिंट सर्वर फॉर हेल्थ साइंसेज को दिया है.

बयान के अनुसार विश्लेषण 28,000 प्रतिभागियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित था जिन्हें स्पूतनिक लाइट की एक खुराक दी गयी थी. उनकी तुलना टीका नहीं लगवाने वाले 56 लाख लोगों के समूह से की गयी. अध्ययन में इस्तेमाल आंकड़े जुलाई 2021 में मॉस्को में एकत्रित किये गये थे. आरडीआईएफ ने कहा, ‘टीका 60 साल से कम उम्र के लोगों में 75 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है. स्पूतनिक लाइट गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में भी अत्यधिक प्रभाव दिखाता है.’

एक खुराक वाले स्पूतनिक लाइट टीके को 15 से अधिक देशों में मंजूरी प्राप्त है और 30 अन्य देशों में इसके पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है. भारत सरकार ने यहां घरेलू स्तर पर निर्मित रूस की एकल खुराक वाले कोविड-19 रोधी टीके स्पुतनिक लाइट के निर्यात की अनुमति दे दी है. इस टीके को अभी भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी गई है. घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारतीय दवा कंपनी हेटेरो बायोफार्मा लिमिटेड को रूस को स्पुतनिक लाइट की 40 लाख खुराक निर्यात करने की अनुमति दी गई है.

स्पुतनिक लाइट रूसी टीके स्पुतनिक वी के घटक -1 के समान है. भारत के औषधि नियामक ने अप्रैल में स्पुतनिक वी के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद से भारत में कोविड-19 रोधी टीकाकरण कार्यक्रम में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. रूसी राजदूत निकोलाय कुदशेव ने भारत सरकार से हेटेरो बायोफार्मा द्वारा उत्पादित स्पुतनिक लाइट को तब तक रूस में निर्यात की अनुमति देने का आग्रह किया था, जब तक इस टीके को भारत में औषधि नियामक द्वारा आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिल जाती. (Agency Input)


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