कांग्रेस के इस नेता ने दो बार दी है चाणक्य अमित शाह की रणनीति को दी मात

कर्नाटक में बहुमत परीक्षण कांग्रेसी नेता डीके कुमार के बनाए चक्रव्यूह को बीजेपी भेद नहीं पाई और ढाई दिनों में उनकी सरकार धराशायी हो गई.

डीके कुमार नेअपनी रणनीति के तहत कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों को अपने ईगलटन रिजॉर्ट में ठहराया था ताकि उनके कुनबे को तोड़फोड़ से बचाया जा सके. फिर रातों रात उन्हें बेंगलुरु से बाहर हैदराबाद ले गए. जिससे वह अपने विधायकों खरीद फरोख्त से बचा पाए.

इससे पहले जब अहमद पटेल को राज्यसभा चुनाव में अमित शाह हराने की पूरी तैयारी कर चुके थे. तब डीके शिवकुमार ही गुजरात के सभी कांग्रेस एमएलए को अपने रिसॉर्ट पर ठहराया था. जिस वजह ये अहमद पटेल जीत कर संसद पहुंचे थे.

बता दें गांधी परीवार के क़रीबी डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं. कर्नाटक की सियासत में वोक्कालिगा समुदाय को लिंगायत के बाद दूसरी किंगमेकर मानी जाती है. जेडीएस प्रमुख देवगौड़ा इसी समुदाय से आते हैं.

बता दें कर्नाटक में 25 मुख्यमंत्रीयों में से अब तक 6 मुख्यमंत्री वोक्कालिगा समुदाय के बने हैं. वोक्कालिगा समुदाय को कांग्रेस के खेमे में लाने की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार पर है.

उन्होंने 2008 में कांग्रेस रामनगरम जिले के कनकपुरा विधानसभा सीट से विधायक बने थे. इसके बाद 2013 में उन्होंने इसी सीट से उतरकर रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी. हैट्रिक लगाने के एक बार वे मैदान में है.

कनकपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डीके शिवकुमार के खिलाफ बीजेपी ने नंदिनी गौड़ा को उतारा था. वहीं जेडीएस ने नारायण गौड़ा पर दांव लगाया था. .

शिवकुमार ग्रेनाइट निर्यात, रियल एस्टेट, शिक्षा और केबल टेलीविजन जैसे कारोबार में शामिल हैं. ये उनके और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से हैं.


Close Bitnami banner
Bitnami