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गुजरात नरोदा पाटिया दंगा माया कोडनानी बरी, बाबू बजरंगी की सजा बरकरार

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गुजरात दंगा में चर्चित नरोदा पाटिया दंगा पर आज गुजरात हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। इस मामले में दोषी माया कोडनानी को कोर्ट ने बरी कर दिया है। तो वही बाबू बजरंगी को दोषी मानते हुए कोर्ट ने उनके आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। बता दे कि कोर्ट ने माया कोडनानी को सबूतों के आधार निर्दोष करार देते हुए उन्हें बरी कर दिया है। इस मामले में स्पेसला कोर्ट ने 32 जनों को दोषी करार दिया था।

बता दे कि 2002 गुजरात दंगे में सबसे ज्यादा नुक्सान नरोदा पाटिया इलाके में हुआ था। इस दंगे में 97 लोगों को मौत के घात उतार दिया था। जिस समय गुजरात में दंगा हुआ था उस समय माया कोडनानी गुजरात सरकार में महिला बाल विकास मंत्री थी। माया को स्पेशल कोर्ट ने 28 साल की कारावास की सजा सुनाई थी। माया कोडनानी पर नरोदा पाटिया में दंगा भड़काने का आरोप लगा था।

इस मामले की सुनवाई के दौरान 11 गवाह पेश किये गए थे। जिसमे से किसी ने भी माया कोडनानी का नाम नहीं लिया है। दंगे में माया की भूमिका स्पस्ट ना होने की वजह से कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। माया कोडनानी के साथ उनके पर्सनल अस्सिटेंट किरपला सिंह छाबड़ा को भी कोर्ट ने बरी कर दिया है।
न्यायमूर्ति हर्षा देवानी और न्यायमूर्ति ए एस सुपेहिया की पीठ ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पिछले साल अगस्त में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। अगस्त 2012 में एसआईटी मामलों के लिए विशेष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता माया कोडनानी समेत 32 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

कोडनानी को 28 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। एक अन्य बहुचर्चित आरोपी बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी को मृत्यु पर्यंत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सात अन्य को 21 साल के आजीवन कारावास और शेष अन्य को 14 साल के साधारण आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में 29 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।

Rahul Pandey

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