क़र्ज़ में डूब गया है महाराष्ट्र, राज्य पर 4,13,044 करोड़ का कर्ज

भले ही बीजेपी सरकार देश में सबका साथ सबके विकास की बात कर रही है। लेकिन अर्थ व्यवस्था से जुडी जो खबर आ रही है वो अच्छी नहीं है। राज्य अर्थ व्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 10 प्रतिशत से घाट कर सिर्फ 7.3 प्रतिशत रहने वाली है। यानी इस साल में इसमें करीब 2.7 की गिरावट आने का अनुमान है। फडणवीस सर्कार में आज सदन के दोनों पटलों पर आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया है।

सरकार ने जो आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया है उसमे बताया है कि, कृषि व संलग्न कार्य क्षेत्र की विकास दर बीते वर्ष 2016-17 में 22.5 फीसदी थी। परंतु इस समाप्त हो रहे आर्थिक वर्ष में यह 14.2 प्रतिशत घटकर 8.3 फीसदी रहने की उम्मीद है। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस वर्ष बारिश कम होने की वजह से कृषि व संलग्न क्षेत्र में गिरावट देखी जा रही है।

बढ़ गया है राज्य पर क़र्ज़ अब बढ़कर4,13,044करोड़ रुपये हुआ

अब तक महाराष्ट्र को देश के संपन्न राज्यों में गिना जाता था। लेकिन अब जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वो राज्ये के लिए अच्छी नहीं है। महाराष्ट्र पर अब क़र्ज़ 3,71,047 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,13,044 करोड़ पहुँच गया है। अच्छी खबर ये है की अब प्रति व्यक्ति आय पिछले साल के मुकाबले 15,102 रुपये बढ़ा है। पिछले साले प्रति व्यक्ति आय 1,65,491 रुपये थी, मगर इस वर्ष बढ़कर 1,80,593 रुपये होने का अंदाज है।

महाराष्ट्र सरकार आर्थिक सर्वे रिपोर्ट :-

– वर्ष 2017-18 में पिछले साल के मुकाबले राजस्व प्राप्ति में 10.8 प्रतिशत और राजस्व खर्च में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान

– उद्योग क्षेत्र में 6.5 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र में 9.7 प्रतिशत, पशुसंवर्धन क्षेत्र में 5.8 प्रतिशत, मत्स्य व्यवसाय व मत्स्य कृषि क्षेत्र में 5.9 प्रतिशत, वन व लकड़ी तोड़ने के क्षेत्र में 1.5 प्रतिशत, वस्तु निर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में7.6 प्रतिशत और निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन) में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।

– महाराष्ट्र में 1 जनवरी 2018 तक करीब 314 लाख वाहन थे। इस तरह से राज्य में प्रति लाख जनसंख्या के पीछे25,859 और प्रति किमी सड़क पर 104 वाहन हैं।


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