रेप के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए वकीलों ने बनाया ‘HARMONY BRIGADE’

देश में बढ़ती रेप की घटनाओं को देखते हुए मुंबई के मशहूर वकीलों ने एक नहीं मुहीम छेड़ी है। रेप के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मुंबई के वकीलों ने एक ब्रिगेड तैयार की है। इस ब्रिगेड का नाम हारमनी ब्रिगेड है। इस ब्रिगेड का मकसद रेप जैसी वारदातों पर नकेल कसना और आरोपिओं को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने में पीड़ित परिवार की मदद करना होगा। इस ब्रिगेड से मुंबई के जाने माने और सीनियर वकील भी जुड़े है। इस ब्रिगेड का नेतृत्व मुंबई के मशहूर वकील रिज़वान मर्चेंट कर रहे है। मुंबई के वकीलों ने ये फैसला देश में बढ़ती की रेप की वारदातों के बाद लिया है। Harmony Brigade आरोपियों के खिलाफ मजबूत से मजबूत केस बनाने के लिए पुलिस की मदद करेंगे।

Harmony ग्रुप का उद्घाटन समारोह कल मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में रखा गया था.जिसमे मुंबई के मोस्ट सीनियर जज में से एक अभय थिप्से मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर एम एन सिंह के अलावा अभिनेत्री डेज़ी ईरानी लॉयर नीलोफर अख्तर और त्रीशा शेट्टी भी मौजूद थी। इस ग्रुप ब्रिगेड में महिला वकीलों को भी रखा गया है। इस ग्रुप को बनाने वाले लॉयर रिज़वान मर्चेंट ने कहा है कि रेप जैसी वारदातों को अंजाम देने के बाद आरोपियों को सजा मिलने कई साल बीत जाते है। तो कई सबूतों के आधार बरी हो जाते है। इस ग्रुप का मकसद सिर्फ और सिर्फ पीड़िता को इन्साफ दिलाना होगा। मर्चेट ने कहा की हमने महाराष्ट्र गवर्नमेंट को पत्र लिखकर इस मामले में पुलिस को हेल्प करने के लिए परमिशन भी माँगा है। वही इस ब्रिगेड का उद्घाटन के समय पूर्व मुंबई पुलिस के कमिश्नर एम एन सिंह ने कहा है कि कठुआ और उन्नाव वाले घटना में जो पुलिस का रवैया रहा है वो बेहद ही शर्मनाक रहा है। और कहा कि ऐसे मामले में राजनीती भी नहीं करनी चाहिए।

रिज़वान मर्चेंट कहते हैं, इस ख़ास मुहीम में देश और मुंबई के कई जानी मानी महिला वकील भी हैं। मुंबई की मशहूर अधिवक्ता स्वप्ना कोड़े, फरहाना शाह, गायत्री गोखले और प्रियंका दुबे भी इस मुहीम का हिस्सा हैं। आम तौर पर कई मामलों में सबूतों की कमी के कारण मामले कई सालों तक चलते रहते हैं। कई बार तो ऐसे मामलों में सबूत तक ख़त्म हो जाते हैं। कई पीड़िता के सामने आरोपी इतने बड़े होते हैं की वो उनके खिलाफ लड़ने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाती है। ऐसे में हम उनकी मदद के लिए आगे आएंगे। उनकी वो हर संभव मदद की जायेगी जिससे उसे इन्साफ मिले।

रिज़वान मर्चेंट के मुताबिक, हमने महाराष्ट्र सरकार को भी लिखा है वो इस मुहीम के ज़रिये मुंबई पुलिस की भी मदद करना चाहते हैं।”कई पुलिस वाले ऐसे मामलों में ये तक नहीं जानते की कैसे सुबूत इकठ्ठा करना है, ताकि वो आगे चलकर कोर्ट में अहम सबूत साबित हो सके। रेप जैसी घटना में साइंटिफिक और मेडिकल रिपोर्ट हमेशा अहम् साबित होता है।अगर सरकार हमें अनुमति देती है तो हम पुलिसवालों से बातचीत कर उन्हें भी समझा सकते हैं कैसे आरोपियों के खिलाफ मज़बूत केस तैयार करने के लिए सुबूतों को न सिर्फ इखट्ठा किया जाए बल्कि उसे सुरक्षित भी रखा जाए।


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