सालों से फरार आरोपियों की धरपकड़ शुरू

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मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक मुंबई शहर के तमाम पुलिस स्टेशनों के पुलिस रिकॉर्ड में 1992 से लेकर 2011 तक फरार आरोपी की संख्या 4020 है। जब की पुलिस के मुताबिक अब ये संख्या बढ़ कर 4500 से ज्यादा पहुँच गई है और आपराधिक मामले 1600 से अधिक है। इनमें छिटपुट आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से लेकर गंभीर अपराध तक शामिल हैं।

मुंबई पुलिस आयुक्तालय द्वारा अपराध और आपराधिक घटनाओं में कमी लाने के लिए हाल में सभी पुलिस स्टेशनों को आदेश जारी हुए हैं। आदेश ये हैं कि संबंधित पुलिस स्टेशन की जद से भागे हुए अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और लंबित मामलों की शीघ्र सुनवाई हो। सूत्रों के अनुसार नैशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, अपराध के मामले में मुंबई व महाराष्ट्र की स्थिति आपराधिक राजधानी बन चुकी दिल्ली से बेहतर नहीं है। यहां भी साल दर साल अपराध के ग्राफ में इजाफा हो रहा है। रोजाना औसतन 2 से 3 मामले दर्ज हो रहे हैं। जहां हजारों मामले लचर कानूनी प्रक्रिया के चलते लंबित हैं, वहीं पैसे या पैरवी के अभाव में आज भी कई आरोपी सलाखों के पीछे हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं, जो गुनाह करके सालों से फरार हैं।

मुंबई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार आयुक्त कार्यालय से आदेश मिलने के बाद पुलिस स्टेशनों में फरार आरोपियों की फाइलों को दोबारा खोलकर और पुलिस की खास टीम बनाकर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर इनके संबंधित तमाम फाइलों को बंद करने में पुलिस वयस्त हो गई है। ज्ञात हो की जो आरोपी पिछले 28 साल से फरार थे, वह भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है और इसी तरहा बहुत से फरार अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए है। जिनको ये भी अभाव नहीं था की वह कभी पुलिस की पकड़ में आ सकते है। पुलिस के मुताबिक कुछ आरोपी तो फरार होने के बाद से वेटर,चालक,किसान और मोची जैसे पेशे को अपनाकर अपनी आपराधिक छवि को छुपाने में जुटे थे। लेकिन मुंबई पुलिस की मुस्तैदी और सतर्कता से आखिरकार वे भी पकड़े गए हैं।

देवनार और शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन से हुई शुरुआत।

आपराधिक गतिविधियों में लिप्त फरार आरोपियों को पकड़ने की शुरुआत देवनार और शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन से हुई है। देवनार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दतात्रेय शिंदे के मार्गदर्शन में पुलिस उप निरीझक प्रदीप भीताड़े और सहायक पुलिस उप निरीक्षक गंगाराम मेघवाले, पुलिसकर्मी दगडू कदम, अनिल आवरे , सचिन जाधव और मधुकर वायदंडे की टीम ने वारदात को अंजाम देने के बाद वर्षों से अज्ञात जगह पर छिपे हुए आरोपियों को घात लगा कर गिरफ्तार किया है। बहुत सी जगह पर इस टीम ने हुलिया बदल कर छिपे हुए अपराधियों को पकड़ा है। जो की अपराध को अंजाम देकर 10 से लेकर 28 साल तक के फरार तक फरार थे।

देवनार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दतात्रेय शिंदे के मुताबिक सालों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करना कठिन काम है। इसके लिए मुंबई पुलिस खास अभियान चला रही है लेकिन पुलिस को सफलता भी प्राप्त हुई है। इन्होने बताया के पुलिस उप निरीझक प्रदीप भीताड़े और उनकी टीम ने भी 28 साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर उदाहरण पेश किया गया है और इस टीम ने २०१७ में १७२ अपराधिओं को गिरफ्तार किया है। इसी तरहा कई ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है जो बरसो से फरार थे।

शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दीपक पगारे के अगुवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष नारूटे और सहायक पुलिस निरीक्षक वैभव पनसारे और उनकी की टीम कांस्टेबल एस वाय कांबले , आर आनडे और एस बड़े ने 2017 में 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जो कई वर्षो से फरार थे। जिनमे हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती , मारपीट आदि शामिल है। सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष नारूटे के अनुसार पुलिस अभी उन अपराधियों की तलाश कर रही है। जो की आपराधिक मामलों में शामिल है और पुलिस की पकड़ से दूर है।

सालों बाद हाथ आए आरोपी देवनार पुलिस के।

1) 27 साल पहले 1990 में जान से मारने की धमकी देने के मामले में देवनार पुलिस ने आरोपी नजीर जब्बार शेख (48) के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 27 साल बाद फरार शेख को रत्नागिरी से गिरफ्तार किया, जो वहां दर्जी बनकर काम कर रहा था।

2) 25 साल से फरार परशुराम सिंगलप्पा उर्फ़ परशा (38) को के चोरी के मामले में 1993 से फरार था और दाना बन्दर मस्जिद बन्दर में टेम्पो चालक बन कर काम कर रहा था।

3) विवेकानंद सरवदे (35) जो की शिवाजी नगर इलाके में रहता था 19 साल से फरार था और इस पर 1999 में घर में चोरी का मामला देवनार पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था और तब से ये फरार था ,सोलापुर के लकी होटल में वेटर का काम कर रहा था।

4) मारुती पंहलकर (४३) के खिलाफ भी २००१ में देवनार पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला दर्ज था और तब से फरार हो कर सतारा गांव नाम बदल कर में खेती का काम कर रहा था इसकी गिरफ्तारी १७ साल बाद हुई है।

5) देवनार पुलिस स्टेशन में 17 साल पहले 2000 में दर्ज चोरी के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी संदीप मारुति पाटील (41) को पुलिस ने अलीबाग से गिरफ्तार किया। फरार होने के बाद से पाटील अलीबाग में खेती-किसानी का काम कर रहा था। और इसी तरह अनगिनत अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है जो बरसो से पुलिस की आँखों में धूल झोक कर फरार थे।

 


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