नवरात्रि में अष्टमी के दिन ना करें ये गलतियां, नहीं होगा कोई लाभ  नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा अर्चना

नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है. देवी महागौरी की पूजा अर्चना से जीवन में आ रही कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है. महाअष्टमी को दुर्गा पूजा का मुख्य दिन माना जाता है.पहले और आखिरी दिन व्रत करने वाले इस दिन भी कन्या पूजन करत हैं. इस दिन भक्तों को पूजा के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

अष्टमी के पूजा का नवरात्रि में बहुत महत्व है. शुभ मुहूर्त निकलने के बाद पूजा न करें.संधि काल का समय दुर्गा पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है. संधि काल के समय 108 दीपक जलाए जाते हैं. अष्टमी के दिन संधि काल में ही दीपक जलाना शुभ माना जाता है.दुर्गा चालीसा, मंत्र या सप्तशती के पाठ के समय किसी दूसरे से बात न करने लग जाएं. ऐसा करने से आपकी पूजा का फल नकारात्मक शक्तियां ले जाती हैं.

अखंड ज्योति जला रहे हैं तो घर को खाली छोड़कर कहीं न जाएं. हवन कर रहेंं है तो ध्यान रखें की इसकी सामग्री कुंड से बाहर न जाए.अष्टमी के दिन अगर व्रत नहीं भी कर रहे हैं तो सुबह-सुबह स्नान कर मां दुर्गा की पूजा करें. इस दिन नाखून न काटें. अष्टमी के दिन फलाहार हमेशा एक ही जगह पर बैठकर ग्रहण करना चाहिए. अष्टमी के दिन तम्बाकू खाने और शारीरिक संबंध बनाने से भी व्रत का फल नहीं मिलता है.


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