तो ये है देश भर में ATM खाली होने की वजह ! नाशिक प्रेस से आई है बड़ी खबर

देश भर के ATM पूरी तरह से खाली होने के कागार पर है. ATM मशीनों के बहार लोगों की लंबी लंबी लाइनें लग रही हैं. हालत कमोबेश नोटेबंदी जैसे ही हो गए हैं. इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है. करंसी की कमी से जूझ रही आरबीआई इससे पार पाने के लिए बड़ी तादाद में 200 और 500 रुपये के नोटों की छपाई करवा रही है. मगर इस बीच आरबीआई को बड़ा झटका लगा है. देश की सबसे बड़ी नोट प्रिंटिंग प्रेस नाशिक में नोट प्रेस में स्याही खत्म हो गयी है. जिसकी वजह से नोटों की छपाई में बंद हो गई है.

इसका खुलासा खुद नाशिक प्रिंटिंग प्रेस के एक अधिकारी ने भी है. वहीँ छापाखाना कामगार परिसंघ के अध्यक्ष जगदीश गोडसे ने बताया है कि, “आम तौर पर जो करंसी या नोट कारखानों में इस्तेमाल होते हैं उसके लिए विशेष तरह के इंक का इस्तेमाल होता है. इस विशेष स्याही का इस्तेमाल होता है उसे आयात किया जाता है. लेकिन इस वक़्त कारखाने में स्याही का स्टॉक खाली है. इसके कारण 200 रुपये और 500 रुपये के नोटों की छपाई रुक गई है.”

उनके मुताबिक हो सकता है की स्याही की वजह से छपाई में रुकावट आई है और उसी वजह से देश में कैश की कमी हो गयी है. इससे पहले खुद सरकार ने इसकी पुष्टि की है की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने 500 रुपये के नोटों की छपाई को पांच गुना बढाने का आदेश दिया है. ताकि अगले महीने 75 हजार करोड़ रुपये के नये नोटों की आपूर्ति की जा सके.

सूत्रों की मानें. तो ये हालत अचानक उत्पन नहीं हुआ है. बल्कि नासिक की नोट प्रेस में पिछले नवंबर से 500 रुपये का नोट नहीं छपा. इतना ही नहीं प्रेस में अप्रैल से 200, 100 और 50 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग में 44 प्रतिशत की कमी हुई है. नाशिक प्रेस ने नोटों की छपाई 2017-18 का टारगेट पूरा होने के कारण रोक दी थी. नासिक प्रिंटिंग प्रेस को आरबीआई ने 18 मिलियन नोट छापने का टारगेट दिया था. इसी तरह 20 और 100 रुपये के नोटों की भी छपाई 1 अप्रैल को रोक दी गई थी. इसके पीछे कारण नए नोटों की डिज़ाइन का बताया जा रहा है.

जहां तक 200 रुपये के नोट की बात है तो आरबीआई ने मध्य प्रदेश स्थित नोट प्रेस देवास को इसकी प्रिंटिंग का आदेश दिया, जिसके बाद नासिक में 200 के नोट की प्रिंटिंग रोक दी गई.


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