हिंसा के विरोध में कल महाराष्ट्र बंद ,मुंबई में 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में

पुणे के भीमा कोरेगाव में उठी हिंसा की चिंगारी पुरे महाराष्ट्र में फ़ैल गई है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, ठाणे , औरंगाबाद , पुणे के अलावा अन्य कई ज़िलों में भी दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। हिंसा के विरोध में दलित समाज के करीब आठ से अधिक संघटनों बुधवार को महाराष्ट्र बंद का एलान किया है। पुरे महाराष्ट्र में आंदोलनकारियों ने महाराष्ट्र राज्य परिवहन के करीब 140 बसों को नुकशान पहुँचाया है।

वही मुंबई में अभी भी प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे है। हार्बर सेवा पूरी तरह ठप है। जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई में सुरक्षा के मद्देनज़र मुंबई पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

दलित समाज के नेता भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष ने हिंसा के पीछे हिंदुत्व वादी संघटन का हाथ बताया है। उन्होंने बताया कि पुणे में सोमवार को हिंसा रोकने में राज्य सरकार की विफलता के विरोध में बुधवार को महाराष्ट्र बंद रखा जाएगा। आंबेडकर ने कहा बंद में उन्हें महाराष्ट्र डेमोक्रैटिक फ्रंट, महाराष्ट्र लेफ्ट फ्रंट के साथ-साथ 250 संगठनों का समर्थन है। पुणे में हुए हिंसा पर कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी ने ट्विटर के जरिये RSS और बीजेपी पर हमला बोला है। राहुल गाँधी ने ट्वीट कर कहा है की बीजेपी और आरएसएस के फासीवादी विचारधारा का आधार यही है कि दलित समाज के निचले तबके में ही रहें। उना, रोहित वेमुला और अब भीमा-कोरेगांव इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

 

 

क्या है आखिर पूरा विवाद

महाराष्ट्र के पुणे में अंग्रेजों की जीत का जश्न मनाने पर हिंसा हुई थी। हिंसा में एक की मौत हो गई है। जबकि 25 से अधिक गाड़ियां जला दी गईं और 50 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई। भीमा कोरेगांव में दलित संगठनों ने पेशवा बाजीराव द्वितीय की सेना पर अंग्रेजों की जीत का शौर्य दिवस मनाया था।

पुणे भीमा कोरेगांव की आग मुंबई में , उग्र हुआ दलित समाज

दरअशल ये शौर्य दिवस इसलिए मनाया गया था, क्योंकि 1 जनवरी 1818 में कोरेगांव भीमा की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर अंग्रेजों ने जीत दर्ज की थी। इस दिवस में कुछ संख्या में दलित भी शामिल थे। इसी बात को लेकर कई गांव के लोगों और दलितों में संघर्ष हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई।

सीएम ने की शांति की अपील

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने लोगों से अपील की है कि वह शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सीएम फड़णवीस ने बताया है कोरेगांव हिंसा की न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। साथ ही युवाओं की मौत के मामले में सीआईडी जांच होगी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार को 10 लाख का मुआवजा देने का एलान किया है।

 


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