सोनू निगम के बाद राज ठाकरे ने अज़ान पर उठाये सवाल, बोला घर में पढ़ो नमाज़

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राजठाकरे ने नमाज के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर उठाए हैं. राजठाकरे ने कहा कि नमाज पढ़ने के लिए लाउडस्पीकर की क्या जरूरत है, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नमाज घर में पढ़ो रास्ता क्यों बंद करते हो. बता दें पिछले साल गायक सोनू निगम ने जब अजान की आवाज को लेकर ट्वीट किया था तब इस पर काफी विवाद हुआ था.

क्या कहा राजठाकरे ने ?
राज ठाकरे ने कहा, ”मैं आज महाराष्ट्र और देश के तमाम मुसलमानों से बोलता हूं कि तुम्हें क्यों लाउडस्पीकर चाहिए. सुबह की अजान देने के लिए तुम्हें लाउडस्पीकर क्यों चाहिए, किसको बताना चाहते हो? नमाज पढ़ना है तो घर में पढ़ो रास्ता क्यों बंद कर रहे हो? सब लोग अपनी-अपनी जिम्मेदारी खुद समझो. जिससे देश या राज्य में किसी भी तरह के संघर्ष की स्थिति पैदा न हो.”

मराठा आंदोलन पर भी बोले राज ठाकरे?
राज ठाकरे ने मराठा आंदोलन का समर्थन किया है और आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, ”सरकार अगर शासन नहीं कर सकती तो उसे हट जाना चाहिए. जनता की भावनाओं के साथ सरकार को खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. सरकार को ईमानदारी से मराठा आरक्षण पर अपनी भूमिका और इरादे स्पष्ट करने चाहिए. राज ने महाराष्ट्र के युवाओं से आत्महत्या नहीं करने की अपील की.” बता दें कि आंदोलन के दौरान औरंगाबाद में एक युवक ने गोदावरी नदी में कूदकर जान दे दी थी.

क्या है नमाज और सोनू निगम विवाद?
करीब एक साल पहले गायक सोनू निगम ने ट्वीट किया था, ‘मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन रोज सुबह मुझे अजान की आवाज से उठना पड़ता है.’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आखिर कब भारत से ये जबरन धार्मिक भावना थोपना खत्म होगा? वैसे जब मोहम्मद ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी.’ सोनू निगम ने ये भी कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई मंदिर या गुरुद्वारा बिजली का इस्तेमाल उन लोगों को जगाने के लिए करते हैं जो उस धर्म का पालन नहीं करते. तो फिर ऐसा क्यों? गुंडागर्दी है बस.’ विवाद इतना बढ़ा था कि गायक के खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया था, जिसके बाद सोनू निगम ने सिर भी सिर मुंडवा लिया. यह मामला कोर्ट भी पहुंचा था.

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अजान को लेकर कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि अजान इस्लाम का आंतरिक हिस्सा है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि इसे लाउडस्पीकर के जरिए दिया जाए. जस्टिस एएस बेदी की बेंच ने सोनू निगम के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही. जस्टिस बेदी ने याचिका को लेकर कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दायर किया गया था. उन्होंने कहा, ‘गुंडागर्दी’ शब्द का इस्तेमाल अजान के लिए नहीं बल्कि लाउडस्पीकर के लिए किया गया था.”

 


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