नागपुर में शुरू हुई RSS की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा, मोहन भागवत ने किया उद्घाटन

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने तीन दिन तक चलने वाले राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन किया। इस सभा में संघ के सभी पदाधिकारी और सभासद मौजूद हैं। शनिवार को सरकार्यवाह का चयन होगा। तीन दिवसीय चलने वाले इस सभा में संगठन के अलावा सामाजिक व राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की जाएगी। बता दे कि इस सभा में 35 संगठनों के कार्यों की रिपोर्ट भी राखी जायेगी। संघ की तरफ से अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन तीन साल में एक बार नागपुर में किया जाता है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने कहा कि तीन वर्ष में होने वाली इस सभा में तीन साल के लिए संगठन के प्रतिनिधि चुने जाएंगे.इस बार सभा में देश भर से करीब 1500 पदाधिकारी शामिल होंगे सभा में करीब 35 संगठनों के कार्यों की रिपोर्ट रखी जाएगी। उसमें भाजपा भी शामिल है। फिलहाल यह नहीं बताया जा सकता है कि कौन सा संगठन कब रिपोर्ट रखेगा। हालांकि यह अवश्य है कि एक से दो विषयों पर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस संबंध में विचार चल रहा है। सभा में संघ के विभाग प्रमुख, अखिल भारतीय प्रतिनिधि, 6 प्रमुख विभागों के प्रांत प्रमुख, प्रांत प्रचारक शामिल होंगे।3 वर्ष में संघ के कार्य की दिशा और प्रचार के मामले पर चर्चा की जाएगी। सभा के शुभारंभ में भेजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के मौजूद रहेंगे।

युवाओं को जोड़ने का प्रयास होगा तेज

संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने बताया,”संघ से नये लोग जुड़ रहे हैं। शाखाओं की संख्या बढ़ रही है। ‘ज्वाइन आरएसएस’ कार्यक्रम के तहत 2013 में 28 हजार युवाओं ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई थी। 2017 में 1.25 लाख लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई। इनमें 35 वर्ष की उम्र के लाेगों की संख्या अधिक थी। सूचना तकनीकी से जुड़े युवा भी बड़ी संख्या में संघ से जुड़ रहे हैं। युवाओं को जोड़ने के अभियान को और तेज किया जाएगा।” मनमोहन वैद्य ने आगे बताया,”2007 में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम आरंभ किया गया था। जिला स्तर पर हिंदू समाज के विविध जाति समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठकों का आयोजन किया गया। सद्भाव बैठक कार्यक्रम को अधिक चलाने के बारे में भी प्रतिनिधि सभा में चर्चा होगी।”


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