सरकार पर एक बाप का करारा तमाचा, रोज़ आकर सड़क को दही चावल खिलाएंगे चिराग हरिया- कहा ये सरकार मौत बांटती है

मुंबई हादसों का शहर कहा जाता है ये तो सही लेकिन कोई क्या जानता है इस हादसे के पीछे कौन लोग है. तो इसका जवाब उस पिता से पूछिए जिसने इस शहर में अपने मासूम बच्चे को खोया है. उस दुखी बाप का आरोप है की उसने अपना बच्चा किसी हादसे में नहीं खोया है बल्कि उस क़त्ल किया गया है और उसके क़ातिल वो लोग है जो सत्ता में बैठे हैं. जिन्होंने विकास का दावा कर इस शहर के लोगों को मौत गड्ढे में धकेल दिया है. जो हार चार क़दम पर मुँह खोले खड़ा है की कब कोई आये और वो उसे लील जाए.

Chirag Hariya

लेकिन ये बाप अब हार नहीं मानना चाहता है. वो लड़ना चाहता है, इसलिए की अब कोई बाप अपना बच्चा न खोए. अब कोई बच्चे गड्ढे में गिरने से अपनी माँ की ममता के लिए न तड़पे. पेशे से शेयर ब्रोकर चिराग हरिया ने पिछले महीने पॉटहोल यानी सड़क में पड़े गड्ढे में गिरने की वजह से अपना पांच साल का बच्चा खोया था. लेकिन दो दिन पहले मनीषा भोयर नाम की महिला की गड्ढे की वजह से गिरकर हुई मौत ने उन्हेहीन झकझोर दिया है. इसी वजह से अब उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए नई मुहीम शुरू की है.

5 year old and Manisha Bhoyar

सोमवार को सुबह जब मुंबई और आस पास के इलाके में भारी बारिश ही रही थी तो चिराग हरिया ठीक उसी जगह पर अपने बेटे का पसंदीदा खाना दही-चावल लेकर आए और गड्ढे को खिलाने लगे. जब लोगों ने उनसे वजह पूछी तो बताया की दही चावल उनके बेटे को बहुत पसंद था. ये सुनकाव आवाहन मुजूद लोग अपने आंखों रोक नहीं पाए.चिराग हरिया का कहना है कि अगर वक्त रहते इन गड्ढों को लेकर कुछ ठोस कदम उठाए गए होते तो आज उस जगह गईं बाकी जिंदगी को बचाया जा सकता था. लेकिन ये प्रशाशन इतनी निक्कमी है की उनके बेटे की मौत के बाद भी कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. उसी जगह पर 6 जुलाई को फिर हादसा हुआ और केसी गांधी स्कील में काम करने वाली चपरासी मनीषा की मौत हो गई थी. अगर केडीएमसी समय रहते जाग गई होती तो मनीषा की जान बचाई जा सकती थी.


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