विज्ञान भी इसे चमत्कार कह रहा है मुंबई के डॉक्टर ने नाक से निकाला आँख में घूंसा हुआ ज़िंदा कारतूस

डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप ऐसे ही नहीं कहते है। अगर ये जानना है तो इस खबर को ज़रूर पढ़िए। एक आदमी ने जीने की सारे उम्मीदें छोड़ दी थी। आदमी क्या खुद डॉक्टरों ने भी ये कह दिया था की इस इंसान को सिर्फ भगवान ही बचा सकता है। लेकिन मुंबई के JJ अस्पताल के डॉक्टरों ने वो कर दिखाया है जिसकी उम्मीद किसी ने भी नहीं की थी। मुंबई के जेजे अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ऐसी सर्जरी की है जिसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी। आँख , नाक और थ्रोट डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने मिलकर एक शख्स का सफल ऑपरेशन किया है। उस शख्स के आँख में एक बुलेट यानी गोली घुसी थी। जिसे डॉक्टरों ने दूरबीन ऑपरेशन के जरिए बाहर निकाला है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहनेवाले अशोक पांडेय को 6 दिसंबर को गोली मार दी गई थी। अशोक भाजी विक्रेता है और गोली उसे कुछ लूटेरों ने लूट के इरादे से गोली मार दी थी। इस गोली बारी में अशोक की जान तो बाल बाल बच गयी थी लेकिन एक ज़िंदा कारतूस अशोक के आँख में जाकर फंस गयी थी। घर वालों ने अशोक को पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन वहां के डॉक्टरों ने आँख में घुसी हुई कारतूस को निकाल नहीं पाए। जिसके बाद अशोक के घरवालों ने अशोक को मुंबई के जेजे अस्पताल में बुलेट निकालने के लिए भर्ती कराया। जहाँ पर जेजे के डॉक्टरों ने दूरबीन ऑपरेशन के सहारे अशोक के आँख से गोली को बाहर निकाला।

जेजे अस्पताल ईएनटी डिपार्टमेंट के हेड श्रीनिवास चव्हाण ने बताया कि अशोक के आँख में घुसी हुई बुलेट को नाक के रास्ते से बाहर निकलना आसान काम नहीं था। हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी बुलेट को बिना चिर फाड़ किए निकालना था। अस्पताल के डॉक्टर प्रमुख डॉक्टर ने बताया कि अब सरकारी अस्पतालों में भी दूरबीन के सहारे इलाज कि सुविधा उपलब्ध होने लगी है। ये मरीजों के लिए अच्छी खबर है।


Close Bitnami banner
Bitnami