Turkey : तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान हो सकते हैं सत्ता से हो सकते हैं बेदखल, कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ दिया था बयान

कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयान देने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान (Tayyip Erdogan) इन दिनों अपने देश में संकट में आ गए हैं. उन्हें और उनकी पार्टी को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए तुर्की की छह विपक्षी पार्टियां (Six Turkish opposition parties) एकजुट हो गई हैं. देश में 2023 में चुनाव होने हैं. लेकिन चुनाव से पहले ओपिनियन पोल (opinion polls) के नतीजे संकेत दे रहे हैं कि सत्तारुढ़ गठबंधन के समर्थन में कमी आई है, जिससे राष्ट्रपति एर्दोगान पर दबाव बढ़ रहा है.

विपक्षी पार्टियों ने एक बैठक में कहा कि इस नए गठबंधन को और व्यापक करने से उन्हें साल 2019 के स्थानीय चुनावों में एर्दोगान को झटका देने में मदद मिली थी. इस बैठक में तय किया गया कि साल के अंत तक एक सिद्धांत पर सहमति तक पहुंचने के लिए साप्ताहिक बैठकें की जाएंगी.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक मामलों के जानकार बताते हैं कि तुर्की में विपक्षी दल ऐसा कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पहले कभी भी नहीं हुआ है. वह पहली बार सरकार का सामना करने के लिए वे एकजुट हो रहे हैं. महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना महामारी, जंगलों में लगी आग, बाढ़ और आर्थिक संकट से निपटने जैसे मुद्दों पर एर्दोगान सरकार की काफी आलोचना हुई है. इस कारण उनके समर्थन में भी कमी आई है.

ओपिनियन पोल में एर्दोगान की एके पार्टी को करीब 31-33% वोट के बीच दिखाया गया है. जो साल 2018 में हुए संसदीय चुनाव की तुलना में काफी कम है. उस दौरान उनकी पार्टी को 42.6% मत मिले थे. एके पार्टी की सहयोगी राष्ट्रवादी एमएचपी पार्टी के वोट प्रतिशत में भी कमी देखी गई है, साल 2018 में इसे 11.1% वोट मिले थे, लेकिन ओपिनियन पोल में पार्टी को 8-9% वोट ही मिलते दिख रहे हैं. अगर ओपिनियन पोल के नतीजे ही चुनावों में भी आते हैं तो एर्दोगान सत्ता में बमुश्किल वापसी कर पाएंगे. आईवाईआई पार्टी के उपाध्यक्ष बहादिर एर्डेम ने कहा कि इन छह पार्टियों के एक साथ आने से लोगों में उम्मीद जगी है.

तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान पाकिस्तान के करीबी सहयोगी हैं. कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से लगातार भारत की आलोचना कर चुके हैं. उन्होंने पाकिस्तान की वकालत करते हुए कश्मीर को लेकर भारत के लिए सख्त बयान दिए थे और राज्य का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग भी की थी. (Source : News 18)


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