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Wednesday, April 24, 2024

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से शिवकुमार ने कही ये बात…. कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री पर कल फैसला संभव

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री पर अभी तक आखिरी मुहर नहीं लग पाई है. कांग्रेस आलाकमान अब बुधवार को इस मुद्दे पर फिर से बैठक करेगा और उस के बाद सीएम के नाम का ऐलान किया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मंगलवार को भी सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ बैठक की. माना जा रहा था कि इस बैठक के बाद सीएम के नाम पर सहमति बन जाएगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इसके बाद खड़गे बुधवार को 11 बजे एक बार फिर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार से मुलाकात करेंगे.

मंगलवार को हुई बैठक से कुछ बातें निकलकर सामने आईं. सूत्रों की मानें तो डीके शिवकुमार ने बैठक में खड़गे को बताया कि सिद्धारमैया का पुराना कार्यकाल कुशासन के साथ था. उस वक्त लिंगायत समुदाय सिद्धारमैया के खिलाफ था. वो एक बार पहले भी सीएम रह चुके हैं तो फिर इन्हें एक और मौका क्यों चाहिए? इसके अलावा डीके शिवकुमार ने 2019 में JDS से गठबंधन टूटने का कारण भी सिद्धारमैया को ही बताया. 

हालांकि कुछ अन्य पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल, सोनिया दोनों कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री को चुनने के मल्लिकार्जुन खड़गे के फैसले का पालन करेंगे. यह भी कहा जा रहा है कि इस फैसले में कुछ दिन और देरी हो सकती है. कांग्रेस इसके लिए इंतजार करने को भी तैयार है. किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले खड़गे कर्नाटक के नेताओं से मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि कांग्रेस सीएम के नाम का ऐलान किसी जल्दबाजी में नहीं करना चाहती. किसी को भी सीएम की कुर्सी देने से पहले मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात करेंगे. वह कई नेताओं से चर्चा करेंगे और राय लेंगे.

बताते चलें कि इन दोनों नेताओं को चुनने को लेकर पार्टी के टॉप लीडर्स के मत भी अलग-अलग हैं. सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने सिद्धारमैया का समर्थन किया है. तो वहीं पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे किसी भी एक निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं. वो सभी नेताओं से बात करके ही किसी एक का नाम तय करेंगे.

कर्नाटक प्रदेश कुरुबा संघ ने सिद्धारमैया को सीएम बनाने की मांग की है. कुरबा संघ का कहना है कि वह सभी पिछड़े वर्ग के लोगों की सहायता और उत्थान कर सकते हैं. संस्था ने यह भी कहा कि उन्होंने सिर्फ सिद्धारमैया के नेतृत्व के लिए कांग्रेस को वोट दिया है. हालांकि कुरबा संघ ने डीके शिवकुमार के प्रयासों की भी मेहनत की है. सिद्धारमैया भी कुरुबा समुदाय से हैं

WITN

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